Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Free < SECURE • HONEST REVIEW >
५. : यह चैत्य भगवान ऋषभदेव को समर्पित है, जो कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर हैं।
४. : यह चैत्य भगवान नेमिनाथ को समर्पित है, जो कि जैन धर्म के २२वें तीर्थंकर हैं। palitana 5 chaityavandan in hindi
पुंडरीक मुख मंडणो, पाय नमूं कर जोड़,प्रथम गणधर ए थया, भव-भय बंधन तोड़।चैत्री पूनमना दिने, पांच करोड़ मुनि साथ,सिद्धगिरी पर सिद्ध थया, नमो नमो मुनिनाथ। पाय नमूं कर जोड़
पाँचवीं मल्लिनाथ को माथा, जिनके पद-कमल हैं सुखदायक, जिन भगवानों के दर्शन मात्र, हर लेते जन्म-जन्म के क्लेश अघायक। प्रथम गणधर ए थया
शत्रुंजय की शिखरों पर, बोले जिनवाणी के स्वर, पाँच चैत्य की वंदना में, बसते हैं भक्ति के घर।
