बंदा सिंह बहादुर ने 1715 में गुरिल्ला अभियान जारी रखा, लेकिन अंततः विश्वासघात के कारण गिरफ्तार हुए। उनकी शहादत (1716, दिल्ली) अलग कहानी है, जो ‘Rise Of Banda Singh Bahadur Part 3’ का विषय होगी।
12 मई, 1710 को के मैदान में भयंकर युद्ध हुआ। सिखों की संख्या कम थी, लेकिन उनका क्रोध और गुरु की रहमत ने उन्हें अजेय बना दिया। वजीर खान युद्ध के मैदान में मारा गया। कहते हैं कि उसके कटे सिर के साथ बंदा सिंह ने सरहिंद के किले में प्रवेश किया। Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -BEST